रांची : झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने मोरहाबादी मैदान में विश्वकर्मा अधिकार रैली को संबोधित किया। विश्वकर्मा समाज की राज्य सरकार के समक्ष रखी गई व्यवसायिक एवं सामाजिक मांगों के समर्थन में आवाज उठाते हुए सुदेश महतो ने कहा कि न्याय के लिए उठाई गई आवाज को और मजबूती प्रदान की जाएगी।

रैली को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने हर मोर्चे पर सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन द्वारा जातीय जनगणना कराये जाने के फैसले पर सुदेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर झारखंड के मौजूदा गठबंधन सरकार में ईमानदारी होती तो ये काम 4 साल पहले किया गया होता। अब जब लोकसभा और विधानसभा का चुनाव नजदीक आ गया है तो ये लागू करना चुनावी षड्यंत्र है।
राज्य में हुए मंत्रिमंडल विस्तार और कांग्रेस-जेएमएम विधायकों की नाराजगी पर सुदेश महतो ने कहा कि इसका अनुमान बहुत पहले से था, बहुत दिनों तक असंतोष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। बैजनाथ राम को मंत्री नहीं बनाये जाने पर उन्होने कहा कि ये देश का पहला प्रदेश है जहां कोई एससी-एसटी का प्रतिनिधत्व नहीं है।
सुदेश ने जेएएसएसी पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार पिछले चार सालों में एक भी परीक्षा को सही से नहीं ले पाई है। बेरोजगार युवक सड़कों पर है, नौकरी का वादा करके आई सरकार ने राज्य के युवाओं को ठगा है।



