प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के मौक़े पर अनुष्ठान संपन्न किया। उन्होंने इस मौके पर पीएम ने कहा कि “ रामलला अब टैंट में नहीं रहेंगे, अब दिव्य मंदिर में रहेंग। मेरा पक्का विश्वास है, जो घटित हुआ है, उसकी अनुभूति देश के विश्व के कोने कोने में रामभक्तों को हो रही होगी ।ये क्षण अलौकिक है। “
इस ऐतिहासिक क्षण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गर्भगृह में योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे। मोदी ने राममंदिर के प्रांगण में देश के हज़ारों गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मैं आज प्रभु श्री राम से क्षमा याचना भी करता हूं. हमारे पुरुषार्थ, त्याग, तपस्या में कुछ तो कमी रह गई होगी कि हम इतनी सदियों तक यह कार्य कर नहीं पाए। आज वह कमी पूरी हुई है। मुझे विश्वास है कि प्रभु श्री राम आज हमें अवश्य क्षमा करेंगे”
पीएम मोदी ने सुप्रीम कोर्ट का भी शुक्रिया किया उन्होंने कहा, “भारत के संविधान में, उसकी पहली प्रति में भगवान राम विराजमान हैं। संविधान के अस्तित्व में आने के बाद भी दशकों तक प्रभु श्री राम के अस्तित्व को लेकर क़ानूनी लड़ाई चली। मैं भारत की न्यायपालिका का आभार व्यक्त करूंगा, जिसने न्याय की लाज रख ली ,राम भारत की आस्था हैं, राम भारत का आधार हैं, राम भारत का विचार हैं, राम भारत का विधान हैं, राम भारत की चेतना हैं, राम भारत का चिंतन हैं, राम भारत की प्रतिष्ठा हैं, राम भारत का प्रताप हैं, राम प्रभाव हैं, राम प्रवाह हैं, राम नेति भी हैं, राम नीति भी हैं, राम नित्यता भी हैं, राम निरंतरता भी हैं, राम व्यापक हैं, विश्व हैं, विश्वात्मा हैं इसलिए जब राम की प्रतिष्ठा होती है तो उसका प्रभाव शताब्दियों तक नहीं होता उसका प्रभाव हज़ारों वर्षों तक होता है”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को राष्ट्र मंदिर कहा। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”500 साल के लंबे अंतराल के बाद मन में भावना ऐसी है कि व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं.। निश्चित रूप से आप सब भी ऐसा महसूस कर रहे होंगे। आज इस ऐतिहासिक पल भारत का हर मार्ग राम जन्मभूमि की ओर आ रहा है”
लगभग दो घंटे तक चले इस कार्यक्रम के बाद सबसे पहले साधुओं को प्रवेश करने का मौक़ा मिला। इसके बाद फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गजों,उद्योगपतियों और खिलाड़ियों ने रामलला के दर्शन किए








