गणतंत्र दिवस बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है योजनाओं का लाभ, केंद्र से नहीं मिल रहा राज्य को सहयोग

दुमका : 75वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस लाइन मैदान में झंडा फहराया। इस दौरान उन्होने परेड का निरीक्षण भी किया, झांकियों का प्रदर्शन भी मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद राज्य की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले चार सालों में केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला फिर भी राज्य के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ इस सरकार में पहली बार पहुंच रहा है।

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मुख्यमंत्री के संबोधन के प्रमुख अंश

-प्रत्येक वर्ग और समुदाय के स्नेह और आशीर्वाद से 4 वर्ष पूर्व मुझे राज्य की बागडोर संभालने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जन-भागीदारी के साथ सरकार ऐसी व्यवस्था को आकार देने के लिए प्रयासरत है जहाँ गरीब, मजदूर, किसान, आदिवासी, पिछड़े, दलित को उनका अधिकार मिल सके।

-लोगों से किये वादे के अनुसार हमने अबुआ आवास योजना की शुरु की है। वर्ष 2027 तक राज्य सरकार अपनी निधि से आवासहीन एवं कच्चा घर में रहने वाले करीब 20 लाख परिवार को 3 कमरों का पक्का मकान देगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2 लाख योग्य परिवार को योजना से जोड़ा जायेगा,इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं और सेवाएं सफलतापूर्वक पहुंची हैं ।

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-पहले आपको योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने के लिए जिला और प्रखण्ड के कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता था। परन्तु, आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सरकार आपके दरवाजे पर पहुँचकर आपकी समस्याओं का समाधान कर रही है ।

-बेरोजगारी खत्म करना हमारी सरकार का महत्वपूर्ण संकल्प है। यह एक बड़ी समस्या है, यह सबके जीवन के साथ जुड़ा विषय है। पूर्ण रोजगार के लिए योजना बनाना कठिन जरूर है लेकिन असंभव नहीं। रेलवे, बैंक, SSC आदि में नियुक्तियों में कमी आने के बाद नौकरी देने में राज्य पर निर्भरता बढ़ गयी है। हमारी सरकार ने माध्यमिक शिक्षक, सहायक अभियंता, निम्न वर्गीय लिपिक, दन्त चिकित्सक, पंचायत सचिव, कोषागार लिपिक, सहायक लोक अभियोजक, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, पशु चिकित्सक, A ग्रेड नर्स, आयुष चिकित्सक, कृषि पदाधिकारी, भाषाई शिक्षक व्याख्याता आदि के पदों पर हजारों युवाओं को नौकरी दे चुकी है। साथ ही प्रयोगशाला सहायक, PG प्रशिक्षित शिक्षक, नगरपालिका सेवा, डिप्लोमा स्तरीय संयुक्त परीक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण सेवा, CGL, उत्पाद सिपाही, लेडी सुपरवाईजर, मैट्रिक स्तरीय संयुक्त परीक्षा, इंटरमीडिएट स्तरीय संयुक्त परीक्षा प्राथमिक शिक्षक, झारखण्ड पुलिस आदि के हजारों पदों पर बहाली हेतु प्रक्रिया अलग-अलग चरण में है। निजी क्षेत्र में अब तक लगभग 60 हजार युवाओं को हमने विभिन्न कैम्पों में खुद उपस्थित होकर नियुक्ति पत्र सौंपा है, इसके अलावे भी लगभग 1 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी मिली है,युवाओं के बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए हमने CMEGP जैसी योजना को लाया है। आज बड़ी संख्या में लोग इस योजना के तहत लाभ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हम लोग 11 वीं JPSC परीक्षा के विज्ञापन के साथ आपके बीच हैं ।

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-राज्य के वैसे छात्र जो 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के बाद आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना संचालित की जा रही है।

-राज्य सरकार द्वारा किसानों को ₹117 प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी दिया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत आच्छादित परिवारों को प्रतिमाह 1 KG चना दाल उपलब्ध करवाने की कार्रवाई की जा रही है,खुशहाल किसान, खुशहाल झारखण्ड के संकल्प के साथ हमारी सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। पिछले वर्ष सुखाड़ के समय हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी रही। यद्यपि केन्द्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला,फिर भी राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना तथा झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना के माध्यम से किसानों को राहत पहुँचाने का कार्य हुआ। मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत लगभग 14 लाख लाभुकों को ₹480 करोड़ का भुगतान हुआ।

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-मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2000 KM पथों के निर्माण का लक्ष्य है। अब तक 168 योजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं, जिनमें लगभग ₹405 करोड़ लागत से 549 KM पथ का निर्माण किया जा चुका है ।

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